Parevar (Family)

Parevar (Family)

  “परिवार” “परिवार” से बड़ा कोई “धन” नहीं । “पिता” से बड़ा कोई ” सलाहकार ” नहीं । “माँ ” की छाव से बड़ी कोई “दुनिया” नहीं । “भाई ” से अच्छा कोई “भागीदार ”...
Amrit vani “अमृत वाणी” (Jain Muni)

Amrit vani “अमृत वाणी” (Jain Muni)

पेट तेरा भर सकती है आटे से बनी दो रोटिया फिर क्यों खाता है तू बन्दे बेजुबा की बोटिया शाकाहार सबसे बड़ा पुण्य है जैन धर्म में जीव हत्या को सबसे बड़ा पाप माना है l ऐसा कोई धर्म नहीं जिसमे किसी निर्दोष बेजुबा की हत्या करना या मांस का सेवन बताया गया हो . हिन्दू धर्म में तो...